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Vaishnavism

राम — इतिहास, मंत्र और मंदिर

भगवान राम — आदर्श राजा, आदर्श पति, मर्यादा पुरुषोत्तम। रामायण की कथा, राम नवमी, अयोध्या के नए मंदिर और अरबों लोगों के 'जय श्रीराम' कहने का कारण जानें।

राम कौन हैं?

राम को हिंदू धर्म में एक ऐसी उपाधि दी गई है जो किसी अन्य देवता को नहीं मिली — मर्यादा पुरुषोत्तम — मर्यादाओं के परम पालक, आदर्श मानव। केवल देव नहीं, केवल नायक नहीं — बल्कि इस बात का जीवंत प्रमाण कि पूर्ण सत्यनिष्ठा के साथ जीया गया मानव-जीवन कैसा दिखता है।

राम विष्णु के सातवें अवतार हैं, अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र। उनका नाम परम मंत्र है — रा विष्णु के अष्टाक्षरी मंत्र से और शिव के पंचाक्षरी मंत्र से — इस प्रकार राम नाम में समस्त देवत्व का सार समाहित है।

राम को दूर से नहीं पूजा जाता। उन्हें बड़े भाई की तरह प्रेम किया जाता है — विश्वसनीय, उदात्त, स्थिर। वे वही करते हैं जो कठिन होता है। वे वचन निभाते हैं, चाहे कुछ भी कोस हो।

रामायण — राम की जीवन-कथा

महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण भारत के दो महाकाव्यों में से एक है — और विश्व की सर्वाधिक प्रिय कथाओं में से एक। इसका सरल सार इस प्रकार है:

राम अयोध्या में जन्मे, बचपन से ही उनका चरित्र असाधारण था। युवावस्था में महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की। राजा जनक के दरबार में शिव का महान धनुष उठाया — जिसे कोई और हिला न सका — और सीता का वरण किया।

वनवास

राज्याभिषेक की पूर्व संध्या पर, कैकेयी ने दशरथ से दो पुराने वचन माँगे — भरत को राजसिंहासन, और राम को चौदह वर्ष का वनवास। दशरथ टूट गए। किन्तु राम ने — बिना हिचकिचाहट, बिना क्रोध — स्वीकार किया। पिता ने वचन दिया था। वह वचन निभाना है।

सीता साथ चलीं। लक्ष्मण पीछे न रहे। तीनों वन को गए।

यही वह शिक्षा है जिसने करोड़ों हृदयों को छुआ है — राम ने अपने साथ हुए अन्याय पर विलाप नहीं किया। उन्होंने पिता के वचन को अपना वचन माना।

सीता-हरण और रावण-वध

लंका के राक्षस-राज रावण ने सीता का अपहरण किया। राम का शोक असीम था — किन्तु शोक के बाद संकल्प आया। उन्होंने वानर-राज सुग्रीव से मैत्री की, हनुमान ने समुद्र पार किया और सीता का संधान किया।

फिर वानर-सेना ने समुद्र पर पुल बनाया — एक-एक पत्थर पर राम का नाम लिखा। और पत्थर तैरने लगे। जय श्रीराम — पत्थर में लिखा, इसीलिए आज भी यह नाम सब कुछ थाम लेता है।

राम-रावण युद्ध में अंततः राम ने ब्रह्मास्त्र से रावण का अंत किया। सीता मुक्त हुईं। चौदह वर्ष पूर्ण हुए। राम, सीता, लक्ष्मण पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे। पूरे नगर ने दीप जलाए।

यही दीपावली है।

उपासना

राम नवमी — चैत्र शुक्ल नवमी — राम का जन्मदिवस है। रामचरितमानस — तुलसीदास कृत राम-काव्य — का पाठ इस दिन विशेष रूप से शुभ है।

राम-नाम — केवल राम राम राम — अनेक संतों ने इसे इस युग की सबसे बड़ी साधना बताया है। महात्मा गांधी के अंतिम शब्द हे राम थे।

इसके लिए न संस्कृत चाहिए, न पुजारी, न विस्तृत अनुष्ठान। राम राम राम — तीन अक्षर, समुद्र पर सेतु, और स्वयं समुद्र भी।

पवित्र मंदिर

  • Ram Mandir Ayodhya Uttar Pradesh
  • Ramanathaswamy Temple Rameswaram Tamil Nadu
  • Kodandarama Temple Hampi Karnataka
  • Triprayar Sri Rama Temple Kerala
  • Sita Ramachandra Swamy Temple Bhadrachalam Telangana

Frequently Asked Questions

Who is राम in Hinduism?
विष्णु के सातवें अवतार और मर्यादा पुरुषोत्तम — वह आदर्श मानव जिनका जीवन कर्तव्य, सम्मान, धर्म और प्रेम की शक्ति का परम उपदेश है।
Which tradition does राम belong to?
Lord राम is primarily worshipped in the Vaishnavism tradition of Hinduism.
What mantras are chanted for राम?
Sacred mantras for राम include: Ram Ram Ram, Jai Shri Ram, Ramaya Ramabhadraya Ramakanthaya te namah, Sri Ram Jai Ram Jai Jai Ram.
What are the major temples of राम?
Major temples dedicated to राम include: Ram Mandir Ayodhya Uttar Pradesh, Ramanathaswamy Temple Rameswaram Tamil Nadu, Kodandarama Temple Hampi Karnataka.

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