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दशहरा — महत्व, अनुष्ठान और मनाने का तरीका

दशहरा 2026 — विजयादशमी। रावण दहन, मैसूर दशहरा शोभायात्रा, राम लीला और राम तथा दुर्गा की दोहरी विजय की कथा।

दशहरा — जब धर्म की जीत होती है

विजयादशमी की शाम एक अविस्मरणीय दृश्य होता है। उत्तर भारत के मैदानों में खुले मैदानों में विशाल पुतले खड़े होते हैं — कभी-कभी साठ-सत्तर फुट ऊँचे, पटाखों और भूसे से भरे। रावण दस सिर और बीस भुजाओं वाला; उसका भाई कुम्भकरण; उसका पुत्र मेघनाद।

जैसे ही सूर्य डूबता है, राम की भूमिका निभाने वाला व्यक्ति धनुष पर बाण चढ़ाता है। तीर छूटता है। पुतले के पाँव में आग लगती है। आग चढ़ती है। और फिर — एक के बाद एक भयंकर धमाकों में, अग्नि और धुएँ के साथ — महापापी रावण जलता है।

भीड़ गर्जना करती है। बच्चे पिताओं के कंधों से चीखते हैं और फिर उत्साह से देखने लगते हैं। बूढ़ी माताएं हाथ जोड़े मुस्कुराती हैं।

दशहरा — विजयादशमी — धर्म की विजय का दिन है। यह हमेशा जीतती है। यही इस उत्सव का वार्षिक संकल्प है।

दो विजय की कथाएं

राम की रावण पर विजय

नौ दिनों के भीषण लंका युद्ध के बाद — जो नवरात्रि की नौ रातों की प्रतिध्वनि है — भगवान राम ने रावण का सामना किया। रावण असाधारण विद्वान था, शिव भक्त था, उसे अभूतपूर्व वरदान प्राप्त थे। किंतु उसने एक भयंकर भूल की: सीता का अपहरण। इस अधर्म के कारण उसका नाश अटल था।

ऋषि अगस्त्य ने राम को आदित्य हृदयम — सूर्य की स्तुति — सिखाई। राम ने पाठ किया। फिर ब्रह्मास्त्र चलाया और रावण गिर पड़ा।

रावण के दस सिर दस दुर्गुणों के प्रतीक हैं — काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, स्वार्थ, अन्याय, अमानवता, अहंकार। दहन उन्हीं को जलाने का आह्वान है।

दुर्गा की महिषासुर पर विजय

उसी दिन दुर्गा की महिषासुर पर विजय का भी उत्सव है। नौ रातों के युद्ध के बाद दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर को पाँव तले दबाया, त्रिशूल भोंका और तलवार से मस्तक काटा।

इसीलिए इसे विजयादशमी — विजय का दसवाँ दिन — कहते हैं।

राम लीला — जीवंत नाट्य परंपरा

दशहरे से पहले उत्तर भारत में राम लीला होती है — रामायण के ऐसे नाट्य मंचन जो दस, बीस या तीस रातों तक चलते हैं। वाराणसी की रामनगर राम लीला दो शताब्दियों से चली आ रही है — 31 दिनों में पूरी रामचरितमानस का मंचन, जहाँ दर्शक कहानी के साथ स्थान-स्थान पर चलते हैं।

मैसूर दशहरा — चार सौ वर्षों की परंपरा

यदि उत्तर भारत में रावण दहन दशहरे का सबसे नाटकीय क्षण है, तो दक्षिण में मैसूर दशहरा इसका सबसे भव्य रूप है।

400 से अधिक वर्षों से विजयादशमी पर माँ चामुंडेश्वरी की मूर्ति सोने की हौदे में सजे हाथी पर रखकर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। मैसूर पैलेस एक लाख बल्बों से जगमगाता है। यह शोभायात्रा अब यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल है।

दशहरे का आंतरिक अर्थ

नवरात्रि की नौ रातों की साधना के बाद पुतलों का दहन भीतरी परिवर्तन की परिणति है। रावण के दस सिर हमारे भीतर के दस दुर्गुण हैं। हर वर्ष विजयादशमी पर यह संकल्प नवीन होता है — धर्म की राह पर चलने का, उन दुर्गुणों को जलाने का जो हमें बाँधते हैं।

असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो। मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो।

विधि और अनुष्ठान

  • सूर्यास्त पर रावण, कुम्भकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन
  • राम लीला — उत्तर भारत में रामायण का नाट्य मंचन
  • मैसूर दशहरा — चामुंडी पहाड़ी तक हाथियों की शोभायात्रा
  • शमी वृक्ष पूजन — योद्धा अपने शस्त्रों और शमी वृक्ष की पूजा करते हैं
  • अपराजिता पूजा — 'अपराजित' देवी की पूजा
  • शमी पत्तों का स्वर्ण-आशीर्वाद के रूप में आदान-प्रदान
  • कुल्लू दशहरा — हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में सात दिवसीय उत्सव

उपवास

इस त्योहार पर आमतौर पर उपवास नहीं रखा जाता।

कहाँ मनाया जाता है

Pan-IndiaMysuru has the most famous processionKullu Dussehra is 7 daysEffigies burnt across North India

Frequently Asked Questions

What is दशहरा?
विजयादशमी — विजय का दसवाँ दिन। राम की रावण पर और दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव — धर्म की अधर्म पर जीत का महापर्व।
When is दशहरा celebrated?
दशहरा is celebrated on 2026-10-12 and is observed in Pan-India, Mysuru has the most famous procession, Kullu Dussehra is 7 days, Effigies burnt across North India.
What rituals are performed during दशहरा?
Key rituals include: सूर्यास्त पर रावण, कुम्भकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन, राम लीला — उत्तर भारत में रामायण का नाट्य मंचन, मैसूर दशहरा — चामुंडी पहाड़ी तक हाथियों की शोभायात्रा, शमी वृक्ष पूजन — योद्धा अपने शस्त्रों और शमी वृक्ष की पूजा करते हैं, अपराजिता पूजा — 'अपराजित' देवी की पूजा, शमी पत्तों का स्वर्ण-आशीर्वाद के रूप में आदान-प्रदान, कुल्लू दशहरा — हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में सात दिवसीय उत्सव.
Is fasting observed during दशहरा?
Fasting is not typically required during दशहरा, though some devotees may choose to fast as personal practice.

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